
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में कर्ज चुकाने के लिए एक किसान द्वारा किडनी बेचने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। चंद्रपुर पुलिस के अनुसार यह मामला किसी एक किसान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार देशभर में फैले एक बड़े किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट से जुड़े हुए हैं। जांच में दिल्ली और तमिलनाडु की अहम भूमिका सामने आई है। चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक सुदर्शन मुमक्का ने बताया कि शुरुआती जांच में अब तक 25 से 30 किडनियों की अवैध बिक्री की जानकारी मिली है। यह रैकेट न केवल देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका नेटवर्क फैला हुआ है। इससे पहले इस मामले में कंबोडिया कनेक्शन भी उजागर हो चुका है।

यह पूरा मामला नागभीड़ तहसील के 36 वर्षीय किसान रोशन कूड़े की शिकायत के बाद सामने आया। किसान ने आरोप लगाया था कि आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में उसे अपनी किडनी बेचने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जब गहन जांच शुरू की, तो एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश हुआ। पुलिस का कहना है कि रैकेट में शामिल एजेंट गरीब और कर्ज में डूबे लोगों को निशाना बनाकर उन्हें झांसे में लेते थे और अवैध तरीके से अंग प्रत्यारोपण कराया जाता था। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
