सबसे साफ़ शहर इंदौर में गंदे पानी का कहर, डायरिया से 6 मौतें, 398 मरीज अस्पताल में भर्ती

देश के सबसे साफ़ शहर के रूप में पहचान बना चुके मध्य प्रदेश के इंदौर में अब पेयजल की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर में दूषित पानी की आपूर्ति के चलते फैले डायरिया के प्रकोप ने भयावह रूप ले लिया है। हालात ऐसे हैं कि स्वास्थ्य व्यवस्था से लेकर प्रशासन तक कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है।.अधिकारियों के अनुसार, डायरिया संक्रमण के कारण अब तक कुल 398 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। इनमें से 256 मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 142 मरीजों का अभी भी अस्पतालों में उपचार जारी है। गंभीर स्थिति वाले 11 मरीजों को आईसीयू में रखा गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति भगीरथपुरा इलाके में देखने को मिली है, जिसे डायरिया संक्रमण का ग्राउंड जीरो माना जा रहा है। यहां दूषित पेयजल पीने के कारण अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भगीरथपुरा इलाके में बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान 2,354 घरों में जाकर कुल 9,416 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 20 नए डायरिया मरीज सामने आए, जबकि 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप किया गया। मामले के तूल पकड़ने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने नगर निगम और राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि दूषित जल स्रोतों की पहचान कर उन्हें बंद किया जा रहा है और लोगों को उबला हुआ या शुद्ध पानी पीने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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