
साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन दिल्ली की हवा में कोई सुधार नहीं दिखा। नए साल के पहले दिन राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रही। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार दिल्ली में AQI 382 दर्ज किया गया। ठंड और घने कोहरे के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रहे, जिससे हालात और बिगड़ गए।

मौसम विभाग के अनुसार, ठंड के साथ-साथ कमजोर हवा की रफ्तार भी प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि गुरुवार को दिल्ली में आमतौर पर बादल छाए रहने की संभावना है और कुछ इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी हल्की बारिश से प्रदूषण में बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है। ‘बहुत खराब’ श्रेणी की हवा बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी है। नए साल के जश्न के बीच दिल्ली की जहरीली हवा एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है और स्थायी समाधान की जरूरत पर सवाल खड़े कर रही है।
