इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतें, 2800 से ज्यादा मरीज; उमा भारती ने सरकार को घेरा, बोलीं—यह मोहन यादव की परीक्षा की घड़ी

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से फैली बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया है। अब तक इस त्रासदी में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि गुरुवार को 338 नए मरीज सामने आए हैं। फिलहाल 32 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 2800 से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता उमा भारती ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक गंभीर पाप है, जिसका घोर प्रायश्चित करना होगा।


उमा भारती ने लिखा कि पीड़ितों से माफी मांगनी होगी और इस पूरे मामले में जो भी दोषी हैं, उन्हें सख्त सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई मौतों ने हमारे प्रदेश, हमारी सरकार और पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर दिया है।” उन्होंने इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बताए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि जिस शहर को स्वच्छता का पुरस्कार मिलता रहा है, वहीं जहरीला और गंदा पानी लोगों की जान ले रहा है। “यह बदसूरती, गंदगी और जहर मिला पानी कितनी जिंदगियों को निगल गया और अब भी मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है,” उन्होंने लिखा। पूर्व मुख्यमंत्री ने मुआवजे की राशि पर भी नाराजगी जताई और कहा कि “जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती। मृतकों के परिजन जीवन भर इस दर्द को ढोते रहते हैं।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोषी चाहे नीचे स्तर पर हों या ऊपर, सभी को अधिकतम दंड मिलना चाहिए। उमा भारती ने अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम लेते हुए कहा कि यह उनके नेतृत्व और प्रशासन की परीक्षा की घड़ी है। वहीं, प्रशासन ने जल स्रोतों की जांच, प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई बंद करने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है। मामले की जांच जारी है।

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