नई दिल्ली।लोकसभा में बुधवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर सीधा हमला बोलते हुए कई विवादित किताबों का हवाला दिया। दुबे ने कहा कि दशकों से देश को गुमराह किया गया और आज सच्चाई सामने लाने का समय आ गया है।निशिकांत दुबे ने संसद में खड़े होकर कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक अप्रकाशित किताब का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठा सकते हैं, तो उन्हें भी अधिकार है कि वे उन किताबों का उल्लेख करें जिनमें नेहरू-गांधी परिवार के कथित भ्रष्टाचार, विश्वासघात और सत्ता के दुरुपयोग का उल्लेख है।उन्होंने अपने हाथ में कई किताबें दिखाते हुए कहा कि इन पुस्तकों में आज़ादी के बाद से लेकर अब तक के ऐसे तथ्य दर्ज हैं, जिन्हें कांग्रेस बार-बार दबाने की कोशिश करती रही है। दुबे ने आरोप लगाया कि देश को यह जानने का अधिकार है कि सत्ता में रहते हुए किस तरह से राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता किया गया।जैसे ही निशिकांत दुबे किताबों से अंश पढ़ने लगे, लोकसभा में विपक्षी दलों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। दुबे बिना रुके अपनी बात रखते रहे, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने नियम 349 का हवाला देते हुए हस्तक्षेप किया। इसके बावजूद बढ़ते हंगामे के कारण सदन को स्थगित करना पड़ा।भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस सच्चाई से डरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी नेहरू-गांधी परिवार पर सवाल उठते हैं, कांग्रेस संसद को बाधित करने का रास्ता अपनाती है।दुबे के इस आक्रामक रुख के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान दिया जाने वाला जवाब भी टल गया और सदन को दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा।भाजपा खेमे में निशिकांत दुबे के इस कदम को कांग्रेस के कथित दोहरे मापदंडों को उजागर करने वाला बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अब जनता के सामने इतिहास के वे पन्ने खुल रहे हैं, जिन्हें वर्षों तक छिपाकर रखा गया।
कांग्रेस पर निशिकांत दुबे का तीखा हमला, संसद में किताबें लहराकर नेहरू-गांधी परिवार पर लगाए गंभीर आरोप
