सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही कार्रवाई में 3 लाख रुपये के इनामी नक्सली सुरेश कोढ़ा ने आखिरकार आत्मसमर्पण कर दिया। करीब 25 वर्षों से फरार चल रहा यह कुख्यात नक्सली 60 से अधिक मामलों में वांछित बताया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से जारी दबाव और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के सामने सरेंडर किया।आत्मसमर्पण के दौरान उसके पास से कई आधुनिक हथियार बरामद किए गए, जिनमें एके-47 और एके-56 जैसी स्वचालित राइफलें तथा बड़ी मात्रा में कारतूस शामिल हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह लंबे समय से सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क का हिस्सा था और कई हिंसक घटनाओं में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही थी।सरेंडर के बाद उसे सरकार की पुनर्वास योजना के तहत निर्धारित लाभ दिए जाएंगे, जिसका उद्देश्य मुख्यधारा से भटके लोगों को समाज में वापस लाना है। अधिकारियों ने इसे क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि उग्रवाद के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
