अफगानिस्तान में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुनजादा द्वारा हस्ताक्षरित नए दंड संहिता कानून ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। कानून में घरेलू हिंसा और महिलाओं की स्वतंत्रता से जुड़े प्रावधानों को लेकर तीखी आलोचना हो रही है। महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा कमजोर होने और न्याय प्रक्रिया में असमानता के आरोप लगाए जा रहे हैं।संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत रीम अलसलेम ने इस कानून को महिलाओं के लिए बेहद चिंताजनक बताते हुए वैश्विक समुदाय से ध्यान देने की अपील की है। इस घटनाक्रम ने अफगानिस्तान में मानवाधिकार स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अफगानिस्तान में तालिबान का नया कानून विवादों में, महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
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Amarnath Pathak
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