विष्णुगढ़ : घर की माली हालत सुधारने और बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना लेकर मुंबई गए सिरय निवासी सुरेंद्र प्रजापति (40 वर्ष) की घर वापसी के दौरान ट्रेन में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सोमवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सिरयटांड़ पहुंचा और गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। सुरेंद्र प्रजापति, पिता गोवर्धन प्रजापति, करीब तीन महीने पहले मजदूरी करने मुंबई गए थे। वह वहां दिहाड़ी मजदूर के रूप में कार्य कर रहे थे। जानकारी के अनुसार सुरेंद्र अपने घर आने के लिए कुर्ला (मुंबई) से ट्रेन में सवार हुए थे। सफर के दौरान मध्य प्रदेश के कटनी स्टेशन के पास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि समय पर चिकित्सा सुविधा न मिल पाने के कारण ट्रेन में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।सुरेंद्र अपने पीछे अपनी पत्नी, चार मासूम बच्चे और वृद्ध माता-पिता को छोड़ गए हैं। वह परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सुरेंद्र का पार्थिव शरीर उनके गांव सिरयटांड़ पहुँचा, जहाँ ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे और सहायता की मांग की है ताकि अनाथ हुए बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण हो सके।
रोजी-रोटी की तलाश में गए प्रवासी मजदूर की ट्रेन में मौत, गांव में पसरा मातम
