बिहार पुलिस भर्ती में थर्ड जेंडर को बढ़ता मौका, SI प्रीलिम्स रिजल्ट में 17 अभ्यर्थी सफल

Advertisement

बिहार में पुलिस भर्ती अब रोजगार के साथ-साथ समावेशी समाज की दिशा में भी बड़ा कदम बनती जा रही है। हाल ही में बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) प्रीलिम्स परीक्षा 2026 का रिजल्ट घोषित किया गया है, जिसमें पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के साथ-साथ थर्ड जेंडर उम्मीदवारों की भागीदारी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।परीक्षा में इस बार कुल करीब 35 हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें 17 थर्ड जेंडर उम्मीदवार प्रीलिम्स परीक्षा में सफल हुए हैं। अब इन सभी को अगले चरण यानी फिजिकल टेस्ट (शारीरिक दक्षता परीक्षा) से गुजरना होगा। यह बदलाव पुलिस भर्ती प्रक्रिया में बढ़ती समावेशिता और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।दरअसल, देशभर में पुलिस भर्ती में थर्ड जेंडर को शामिल करने की पहल धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। बिहार ने इस दिशा में पहले ही कदम बढ़ाया था। वर्ष 2024 की बिहार पुलिस SI भर्ती में पहली बार थर्ड जेंडर उम्मीदवारों को शामिल किया गया था, जिसके तहत 3 अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी की गई थी। अब 2026 की भर्ती में उनकी संख्या बढ़ना इस पहल की सफलता को दर्शाता है।सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी पुलिस भर्ती में थर्ड जेंडर को अवसर देने की शुरुआत हो चुकी है। इससे आने वाले समय में देश की पुलिस व्यवस्था और अधिक विविधतापूर्ण और समावेशी बनने की उम्मीद है।क्या है थर्ड जेंडर भर्ती का क्राइटेरिया?थर्ड जेंडर उम्मीदवारों के लिए चयन प्रक्रिया सामान्यतः अन्य अभ्यर्थियों की तरह ही होती है, जिसमें लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और मेडिकल टेस्ट शामिल होते हैं। हालांकि, फिजिकल टेस्ट के मानकों में कुछ लचीलापन या अलग श्रेणी के अनुसार मापदंड तय किए जा सकते हैं, ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।फिजिकल टेस्ट के दौरान दौड़, ऊंचाई, सीना (जहां लागू हो) और अन्य शारीरिक दक्षता से जुड़े मानकों की जांच की जाती है। थर्ड जेंडर उम्मीदवारों के लिए अलग से मानक तय किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे उन्हें निष्पक्ष अवसर मिल सके।विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि समाज में लैंगिक समानता और स्वीकार्यता को भी मजबूत करेगी। आने वाले समय में यदि इसी तरह के प्रयास जारी रहे, तो पुलिस बल में विविधता और सामाजिक प्रतिनिधित्व और अधिक बेहतर हो सकेगा।बिहार पुलिस भर्ती में थर्ड जेंडर की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि अब व्यवस्था धीरे-धीरे बदल रही है और हर वर्ग को मुख्यधारा में लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

Amarnath Pathak

अमरनाथ पाठक एक समर्पित समाचार लेखक (News Writer) हैं, जिन्हें ताज़ा खबरों और महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल और सटीक तरीके से प्रस्तुत करने का अनुभव है। वे देश-विदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर नियमित रूप से लेख लिखते हैं। अमरनाथ का लक्ष्य पाठकों तक सही, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है। वे हमेशा ऐसी खबरें लिखने पर ध्यान देते हैं जो लोगों के लिए उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाली हों। समाचार लेखन के क्षेत्र में उनकी रुचि और मेहनत उन्हें एक भरोसेमंद कंटेंट क्रिएटर बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp  Join group