चौपारण में गैस सिलेंडर के बाद अब डीजल की कमी और मिलावट का मामला सामने आ रहा है। ताजा मामला जीटी रोड निर्माण कार्य में लगी एक कंपनी से जुड़ा है, जिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वह किराये पर चल रहे हाईवा, ट्रैक्टर, जेसीबी और पोकलेन मशीनों में मिलावटी डीजल की आपूर्ति कर रही है।वाहन चालकों का कहना है कि इस तरह के संदिग्ध डीजल से इंजन को नुकसान हो रहा है और गाड़ियों की परफॉर्मेंस पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इससे चालकों में काफी आक्रोश है। स्थिति उस समय बिगड़ गई जब रविवार सुबह सभी चालक एकजुट हो गए और कंपनी द्वारा दिए जा रहे डीजल को लेने से साफ इनकार कर दिया। चालकों ने स्पष्ट कहा कि जब तक शुद्ध डीजल की व्यवस्था नहीं होगी, वे काम नहीं करेंगे।इस विरोध के चलते निर्माण कार्य भी प्रभावित हुआ और मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। कई चालकों ने खुलकर कंपनी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। इधर, स्थानीय लोगों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मिलावटी या नकली डीजल की सप्लाई किन परिस्थितियों में हो रही है और संबंधित विभाग अब तक चुप क्यों है।ग्रामीणों और चालकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे किसी स्थानीय व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया है। जिसमें मिलावटी डीजल डालने से गाड़ियों की स्थिति साफ देखी जा सकती है

