
सर्दियों के मौसम में अंडा खाने को लेकर फैल रही अफवाहों का डॉक्टरों और पोषण विशेषज्ञों ने खंडन किया है। सोशल मीडिया और आम बातचीत में यह दावा किया जा रहा है कि ठंड में अंडा खाने से कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है, जबकि चिकित्सकीय विज्ञान इस दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताता है।
विशेषज्ञों के अनुसार अंडा एक संपूर्ण आहार है, जिसमें उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन बी-12, आयरन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। सर्दियों में शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और गर्मी की आवश्यकता होती है, ऐसे में अंडा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कमजोरी दूर करने में सहायक होता है। अंडा खाने से कैंसर होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण आज तक सामने नहीं आया है।

डॉक्टरों का कहना है कि “गर्मी पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ” को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। अंडा शरीर में किसी प्रकार का जहरीला तत्व उत्पन्न नहीं करता और न ही यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनता है। उल्टा, संतुलित मात्रा में अंडा खाने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, हड्डियों को ताकत मिलती है और सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि जिन लोगों को अंडे से एलर्जी है या जिन्हें डॉक्टरों ने विशेष कारणों से कोलेस्ट्रॉल सीमित करने को कहा है, वे चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करें। सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए सर्दियों में अंडा खाना पूरी तरह सुरक्षित और लाभकारी है।
चिकित्सा विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी के लिए प्रमाणित स्रोतों और डॉक्टरों की सलाह पर ही भरोसा करें। ठंड में अंडा खाने से कैंसर नहीं होता, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक उपयोगी आहार है।
