
कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए लोग घरों में हीटर का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हीटर का गलत या असावधानी भरा उपयोग जानलेवा साबित हो सकता है। हर साल सर्दियों में हीटर से जुड़ी दुर्घटनाओं के कई मामले सामने आते हैं, जिनमें दम घुटने, करंट लगने और आग लगने से लोगों की जान चली जाती है।

डॉक्टरों और फायर सेफ्टी विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरे में लंबे समय तक हीटर चलाने से ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस जमा हो जाती है, जिससे व्यक्ति को चक्कर, घबराहट और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। कई मामलों में लोग नींद में ही बेहोश हो जाते हैं और जान तक चली जाती है।

विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि सस्ते और खराब गुणवत्ता वाले हीटरों में शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग का खतरा अधिक होता है, जिससे आग लगने की आशंका बनी रहती है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के कमरों में हीटर का इस्तेमाल अतिरिक्त सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।

सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, हीटर का इस्तेमाल करते समय कमरे में थोड़ी वेंटिलेशन बनाए रखना बेहद जरूरी है। सोते समय हीटर को बंद करना या टाइमर का उपयोग करना सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा, हीटर को पर्दे, बिस्तर या ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी पर रखना चाहिए और बिजली के तारों की नियमित जांच भी जरूरी है।

फायर विभाग और डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए हीटर का उपयोग करें, लेकिन लापरवाही से नहीं। थोड़ी-सी सावधानी और सही जानकारी से गंभीर हादसों से बचा जा सकता है और सर्दियों को सुरक्षित तरीके से गुजारा जा सकता है।
