
नया साल आते ही लोग अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और खुशहाली लाने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। कोई घर की सजावट बदलता है तो कोई नए पौधे लगाकर वातावरण को हरा-भरा और शुभ बनाने की कोशिश करता है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में लगाए जाने वाले पौधे सिर्फ सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि उनका सीधा संबंध घर की ऊर्जा और वातावरण से भी जुड़ा माना जाता है। यही कारण है कि कुछ पौधों को शुभ माना गया है, जबकि कुछ पौधों को घर के भीतर रखना अशुभ समझा जाता है।

वास्तु शास्त्र
वास्तु शास्त्र और लोक मान्यताओं के अनुसार, कांटेदार पौधों को घर के अंदर रखना शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि ऐसे पौधे घर में तनाव, कलह और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं। खासकर कैक्टस जैसे पौधों को लेकर यह धारणा है कि इनके कांटे घर में चुभन और मनमुटाव का कारण बन सकते हैं। इसी तरह कुछ लोग मेहंदी के पौधे को भी घर के भीतर लगाने से बचते हैं, क्योंकि मान्यता है कि यह मानसिक अशांति और आर्थिक अड़चनों से जुड़ा हो सकता है।

कुछ परंपराओं में कहा जाता है कि इमली का पौधा घर के पास या आंगन में लगाना उचित नहीं होता। मान्यता है कि इस पेड़ पर नकारात्मक शक्तियों का वास होता है और इससे घर का वातावरण भारी और उदास हो सकता है। वहीं कपास का पौधा भी कई क्षेत्रों में घर के भीतर या आसपास लगाने से मना किया जाता है, क्योंकि इसे दरिद्रता और रुकावटों से जोड़कर देखा जाता है।

मेहंदी: कुछ परंपराओं में इसे घर के भीतर रखने से आर्थिक और मानसिक परेशानियों का खतरा माना जाता है।
वास्तु मान्यताओं में बांस के पौधे को लेकर भी अलग-अलग धारणाएं हैं। जहां सजावटी लकी बांस को शुभ माना जाता है, वहीं असली बांस का बड़ा पौधा घर के भीतर लगाने को कुछ लोग अशुभ मानते हैं। कहा जाता है कि इससे घर में स्थिरता की कमी और फैसलों में असमंजस बढ़ सकता है। इसी तरह कुछ स्थानों पर पीपल या बरगद जैसे विशाल पेड़ों को भी घर के बहुत पास लगाने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और व्यावहारिक कारणों को ध्यान में रखा जाता है।

जानकारों का कहना है कि नए साल में घर में पौधे जरूर लगाएं, लेकिन पौधे का चयन सोच-समझकर करें। तुलसी, मनी प्लांट, शमी, अशोक और एलोवेरा जैसे पौधों को आमतौर पर शुभ माना जाता है और ये घर के वातावरण को सकारात्मक बनाने में सहायक माने जाते हैं। हालांकि यह भी सच है कि ये सभी बातें मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य घर में सकारात्मक सोच और संतुलन बनाए रखना है।

नए साल की शुरुआत में अगर लोग इन परंपरागत मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए पौधों का चयन करें, तो यह न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ा सकता है, बल्कि मानसिक संतोष और सकारात्मकता का एहसास भी करा सकता है। अंततः सबसे जरूरी है कि घर का माहौल शांत, साफ और खुशहाल बना रहे, क्योंकि यही किसी भी घर की असली सुख-समृद्धि होती है।

