
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। कश्मीर से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठिठुरन और बढ़ गई है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है, जिससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
कश्मीर घाटी में इस समय 40 दिनों की सबसे भीषण ठंड की अवधि ‘चिल्ला-ए-कलां’ अपने चरम पर है। श्रीनगर मौसम विभाग के अनुसार, घाटी में न्यूनतम तापमान शून्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है। ठंड के कारण डल झील और पानी की आपूर्ति के नलों में बर्फ जमने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम विभाग ने 26 और 27 दिसंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अलर्ट के अनुसार, इन दिनों सुबह और शाम के समय कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) के साथ शीतलहर चलने की संभावना है। ठंड के चलते दिल्ली में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है और लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

हिमाचल प्रदेश के ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर जैसे निचले इलाकों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मनाली और शिमला में सुबह और रात का तापमान जमाव बिंदु (0 डिग्री सेल्सियस) के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड और कोहरे के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
