India Rejects Pakistan’s Remarks on Minorities, Says a Country with Poor Record Has No Locus Standi

नई दिल्ली:
भारत ने अल्पसंख्यकों को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणी पर कड़ा और दोटूक जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसे देश को भारत पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है, जिसका खुद का अल्पसंख्यकों के प्रति रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है।.रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, जहां धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव, हिंसा और उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पाकिस्तान बार-बार इस तरह की टिप्पणियां करके अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब करने की नाकाम कोशिश करता रहा है, लेकिन सच्चाई इससे नहीं बदलती। भारत का अल्पसंख्यकों के प्रति दृष्टिकोण समावेशी है और सरकार उनकी सुरक्षा, कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।.उन्होंने दोहराया कि भारत में अल्पसंख्यकों को अपने धर्म का पालन करने, अपनी संस्कृति को संरक्षित करने और सामाजिक-आर्थिक विकास में समान भागीदारी का पूरा अधिकार है। वहीं पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की बिगड़ती स्थिति अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और मानवाधिकार संगठनों की टिप्पणियों में बार-बार उजागर होती रही है।.भारत ने साफ किया कि वह पाकिस्तान की इस तरह की निराधार और भ्रामक टिप्पणियों को आगे भी सख्ती से खारिज करता रहेगा और अपने आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।

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