
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित खुलासों के बाद अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने अपनी जान को खतरा बताते हुए देहरादून के एसएसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उर्मिला सनावर ने एसएसपी को लिखे पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी उत्तराखंड पुलिस और बीजेपी के कुछ नेताओं की होगी। अपने पत्र में उर्मिला सनावर ने बताया कि वह पिछले 25 वर्षों से अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं और एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते वह सच सामने लाने से पीछे नहीं हट सकतीं। उन्होंने दावा किया कि उनके पति सुरेश राठौड़ को कुछ ऐसी रिकॉर्डिंग्स मिली हैं, जिनके जरिए अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इन रिकॉर्डिंग्स में बीजेपी के बड़े नेताओं और कुछ वीआईपी लोगों के नाम सामने आने का दावा किया गया है।
उर्मिला सनावर का कहना है कि इन खुलासों के बाद से उनकी जान को गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की ओर से गठित एसआईटी उन्हें सहयोगी गवाह के रूप में देखने के बजाय परेशान कर रही है। अभिनेत्री का आरोप है कि वह जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं, इसके बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर तक पहुंच रही है।

पत्र में उर्मिला सनावर ने साफ शब्दों में लिखा है कि मौजूदा हालात में उन्हें पुलिस सुरक्षा की सख्त जरूरत है, ताकि वह बिना डर के सच सामने रख सकें। उन्होंने मांग की है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिससे यह साफ हो सके कि इस मामले में असली दोषी कौन हैं, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों। उर्मिला सनावर के इस पत्र के बाद उत्तराखंड की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड पहले से ही संवेदनशील मामला रहा है और अब इससे जुड़े नए दावों ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज कर दी है। देखना होगा कि देहरादून पुलिस और राज्य सरकार इस सुरक्षा मांग और आरोपों पर क्या रुख अपनाती है।
