
आज की डिजिटल जिंदगी में मोबाइल फोन हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। काम, पढ़ाई, मनोरंजन और सोशल मीडिया—हर चीज मोबाइल पर सिमट गई है। लेकिन अगर आप दिनभर मोबाइल स्क्रीन से नजरें हटाए बिना समय बिताते हैं और आपका स्क्रीन टाइम जरूरत से कहीं ज्यादा है, तो यह आदत आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक मोबाइल देखने से आंखों पर सीधा असर पड़ता है। इससे आंखों में जलन, सूखापन, धुंधला दिखना और सिरदर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। लगातार स्क्रीन पर ध्यान टिकाए रखने से डिजिटल आई स्ट्रेन और माइग्रेन की शिकायत भी बढ़ रही है।

ज्यादा स्क्रीन टाइम का असर सिर्फ आंखों तक सीमित नहीं है। गलत पॉश्चर में मोबाइल देखने से गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है, जिससे ‘टेक्स्ट नेक सिंड्रोम’, कमर दर्द और कंधों में जकड़न की समस्या हो सकती है। इसके अलावा देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने से नींद का पैटर्न बिगड़ता है, जिससे अनिद्रा, थकान और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य पर भी मोबाइल की लत का गहरा प्रभाव पड़ता है। अत्यधिक सोशल मीडिया उपयोग से चिंता, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता की कमी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों और युवाओं में इसका असर और भी ज्यादा देखने को मिल रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मोबाइल का इस्तेमाल सीमित समय के लिए करें, हर 20–30 मिनट में आंखों को आराम दें, सही पॉश्चर अपनाएं और सोने से पहले मोबाइल से दूरी बनाएं। स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण रखकर ही इन खतरनाक बीमारियों से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
