
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पति-पत्नी के रिश्ते के साथ-साथ समाज और सिस्टम के कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बरेली में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर पायल रानी और उनके पति गुलशन के बीच चल रहा घरेलू विवाद अब थाने और कानून की चौखट तक पहुंच चुका है। पायल रानी ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की FIR दर्ज कराई है, जबकि पति गुलशन का आरोप है कि उसी ने अपनी मेहनत की कमाई से पत्नी को पढ़ा-लिखाकर दारोगा बनाया और अब उसी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। महिला सब-इंस्पेक्टर पायल रानी का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। उनका कहना है कि पति और ससुराल वाले 10 लाख रुपये नकद और एक कार की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई, जिससे परेशान होकर उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा। पायल रानी का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार समझौता करने की कोशिश की, लेकिन हालात नहीं बदले।

वहीं पति गुलशन की कहानी बिल्कुल अलग है। गुलशन का दावा है कि उसने दिन-रात मेहनत कर अपनी पत्नी की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई, ताकि वह पुलिस विभाग में अधिकारी बन सके। उसका कहना है कि पायल रानी के सब-इंस्पेक्टर बनने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आया और पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे। गुलशन का आरोप है कि अब झूठे दहेज केस में उसे और उसके परिवार को फंसाया जा रहा है। इस मामले ने पुलिस महकमे में भी हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि शिकायतकर्ता खुद एक महिला पुलिस अधिकारी हैं। पुलिस का कहना है कि FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान, सबूत और परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हापुड़ की यह कहानी केवल एक दांपत्य विवाद नहीं रह गई है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट किस तरह कानूनी लड़ाई में बदल जाती है। एक तरफ दहेज उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी ओर पति का यह दावा कि उसने पत्नी के करियर के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। सच क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है
