प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी का नाम लिए तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग धर्म की आड़ में सनातन परंपरा को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में पौराणिक चरित्र कालनेमि का उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि जैसे रामायण में कालनेमि साधु का वेश धरकर लोगों को भ्रमित करता था, वैसे ही आज भी कुछ लोग धार्मिक वेश में समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
सीएम योगी के इस बयान को सीधे तौर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म की परंपराएं हजारों वर्षों पुरानी हैं और इन्हें कमजोर करने की कोशिश करने वालों को जनता पहचान चुकी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि माघ मेले जैसे धार्मिक आयोजन के बीच दिया गया यह बयान आने वाले समय में सियासी बहस को और तेज कर सकता है। वहीं, साधु-संत समाज में भी इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कौन था कालनेमि? शंकराचार्य विवाद के बीच सीएम योगी का बड़ा बयान
