कुत्ते घास क्यों खाते हैं? सिर्फ स्वाद बदलने के लिए नहीं, इसके पीछे छुपी है सेहत से जुड़ी बड़ी वजह

अक्सर आपने देखा होगा कि कुत्ता अचानक घास चबाने लगता है। यह नज़ारा कई लोगों को हैरान कर देता है, क्योंकि आमतौर पर कुत्तों को मांसाहारी माना जाता है। ऐसे में मन में सवाल उठता है कि आखिर कुत्ते घास क्यों खाते हैं? क्या यह सिर्फ स्वाद बदलने की आदत है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी हुई है?

इन दिनों देशभर में कुत्तों को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कहीं आवारा कुत्तों के हमले की खबरें सामने आ रही हैं, तो कहीं सुप्रीम कोर्ट और सरकार की ओर से नए नियम और दिशानिर्देश जारी किए जा रहे हैं। इन्हीं सबके बीच आज हम कुत्तों से जुड़ी एक ऐसी आदत की बात कर रहे हैं, जो भले ही आम हो, लेकिन ज्यादातर लोग इसके पीछे की असली वजह नहीं जानते।



अक्सर देखा गया है कि कुत्ते अचानक घास खाने लगते हैं। कई लोग इसे बीमारी का संकेत मानते हैं, तो कुछ लोग सोचते हैं कि शायद कुत्ते को खाने का स्वाद बदलना होता है। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुत्तों का घास खाना कई कारणों से जुड़ा हो सकता है।

जानवरों के डॉक्टरों का मानना है कि कई बार कुत्ते पेट की गड़बड़ी या गैस की समस्या होने पर घास खाते हैं। कुछ मामलों में घास खाने के बाद उन्हें उल्टी हो जाती है, जिससे पेट हल्का महसूस होता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर कुत्ता घास खाने के बाद बीमार ही हो। कई कुत्ते ऐसे भी होते हैं जो घास खाने के बाद बिल्कुल सामान्य रहते हैं और अपना रोज़ का खाना भी आराम से खा लेते हैं।

इसके अलावा, कुत्ते शरीर में फाइबर की कमी पूरी करने के लिए भी घास खाते हैं। अगर उनके भोजन में पर्याप्त फाइबर न हो, तो वे स्वाभाविक रूप से घास की ओर आकर्षित हो जाते हैं। कुछ शोध यह भी बताते हैं कि जब कुत्तों को समय पर खाना नहीं मिलता या उन्हें भूख लगती है, तब वे घास खाना शुरू कर देते हैं। यह उनकी प्राकृतिक प्रवृत्ति का हिस्सा माना जाता है, जो उन्हें अपने जंगली पूर्वजों से विरासत में मिली है।

हालांकि, कुत्तों का घास खाना हमेशा सुरक्षित नहीं माना जाता। खासतौर पर तब, जब वह घास किसी पार्क, सड़क किनारे या लॉन में उगी हो। अक्सर इन जगहों पर कीटनाशक और हर्बीसाइड जैसे रसायनों का छिड़काव किया जाता है, जो कुत्तों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। रिसर्च में सामने आया है कि ऐसे केमिकल्स कुत्तों के शरीर में पहुंचकर उनके मूत्र में पाए जा सकते हैं और लंबे समय तक संपर्क में रहने से ब्लैडर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

इतना ही नहीं, कई पौधे ऐसे भी होते हैं जो कुत्तों के लिए जहरीले होते हैं। कनेर, अरम लिली, तेज पत्ता और अजवायन जैसे पौधे खाने से कुत्तों को उल्टी, दस्त, कमजोरी और कभी-कभी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए पालतू कुत्तों को खुले में घास या अनजान पौधे खाने से रोकना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों की मानें तो अगर कुत्ता कभी-कभार घास खा ले तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर वह बार-बार ऐसा कर रहा है या उसके साथ उल्टी, सुस्ती या भूख न लगने जैसी शिकायतें हैं, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

कुल मिलाकर कहा जाए तो कुत्तों का घास खाना कोई अजीब या असामान्य बात नहीं है, लेकिन यह हमेशा सुरक्षित भी नहीं होता। पालतू जानवरों की सेहत को लेकर थोड़ी सी सतर्कता उन्हें बड़ी बीमारियों से बचा सकती है। इसलिए बेहतर यही है कि कुत्तों की आदतों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर समय रहते सही कदम उठाएं।

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