
नई दिल्ली। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आर्मी डे (15 जनवरी) से पहले 13 जनवरी 2026 को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की सुरक्षा स्थिति को लेकर अहम जानकारी साझा की। दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस प्रेस वार्ता में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खुफिया एजेंसियों और सेना की जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के सामने कुल 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जहां ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां जारी हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि इन आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की लगातार पैनी नजर है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सीमा पार से किसी भी तरह की उकसावे वाली हरकत या घुसपैठ की कोशिश की गई, तो भारतीय सेना तुरंत और सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। जनरल द्विवेदी ने दोहराया कि सेना देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।.प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर समेत अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति, घुसपैठरोधी अभियानों और आतंकवाद के खिलाफ जारी रणनीतियों पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सर्दियों के मौसम में भी सेना की तैनाती और निगरानी व्यवस्था मजबूत बनी हुई है, ताकि आतंकियों के किसी भी मंसूबे को नाकाम किया जा सके। इसके अलावा जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी हथियार प्रणालियों, नई तकनीक के इस्तेमाल और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सेना लगातार खुद को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार कर रही है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में रक्षा क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है। आर्मी डे से पहले हुई इस वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सेना की तैयारियों, सुरक्षा चुनौतियों और स्पष्ट रणनीतिक संदेश के जरिए भारत की सख्त नीति को दुनिया के सामने रखा गया है।
