आयकर कानून में हुए अहम संशोधन को लेकर केंद्र सरकार ने Supreme Court of India को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। सरकार की ओर से बताया गया कि इस बदलाव के कारण बड़ी संख्या में लंबित पुनर्मूल्यांकन मामलों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है। आयकर विभाग के अनुसार देशभर में 16.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि से जुड़े पुनर्मूल्यांकन प्रकरण फिलहाल अटके हुए हैं, जिन पर संशोधन के बाद कार्रवाई तेज होने की संभावना है।सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने संशोधन की वैधता के मुद्दे पर तीन महीने के मोराटोरियम पर विचार करने की बात कही। मामले की जटिलता और व्यापक प्रभाव को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई 6 अप्रैल तक स्थगित कर दी है। संशोधन लागू होने की स्थिति में पूर्व में जारी सभी नोटिस और आकलन कार्यवाहियां पुनर्जीवित हो जाएंगी, जिससे आयकर प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।केंद्र सरकार का कहना है कि यह बदलाव कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने और लंबित मामलों के निपटारे को गति देने के उद्देश्य से किया गया है, जबकि याचिकाकर्ताओं की ओर से इसके प्रभावों और वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। अब इस महत्वपूर्ण मामले पर अंतिम दिशा-निर्देश के लिए सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी
इनकम टैक्स कानून में बड़ा बदलाव, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की जानकारी; 6 अप्रैल तक टली सुनवाई
