गुरुग्राम में पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो निवेश, लोन, डिजिटल अरेस्ट, साइबर स्लेवरी और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड जैसे पांच अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। इस गिरोह ने महज एक महीने के भीतर करीब 40 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया है।पुलिस कार्रवाई के दौरान इस गिरोह के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि यह संगठित गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। ठग पहले फोन कॉल, सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए संपर्क करते थे और फिर अलग-अलग बहानों से लोगों को धोखा देकर उनसे पैसे ऐंठते थे।गिरोह के सदस्य निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा देने का झांसा देते थे, वहीं लोन फ्रॉड के जरिए आसान ऋण दिलाने का लालच देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस वसूलते थे। “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराया जाता था और उनसे पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे। इसके अलावा, साइबर स्लेवरी के तहत लोगों को फर्जी नौकरी के नाम पर फंसाकर उनसे काम करवाया जाता था और उनका शोषण किया जाता था। क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के जरिए भी बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाया गया।जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस गिरोह के खिलाफ देशभर में हजारों शिकायतें दर्ज हैं, जिससे इसकी व्यापक पहुंच और नेटवर्क का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य सदस्यों और इसके अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है।पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी निजी व बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और उनसे बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है।
गुरुग्राम में बड़ा साइबर ठगी रैकेट का खुलासा, 5 तरीकों से महीने भर में 40 करोड़ की ठगी, 10 आरोपी गिरफ्तार
