होली के त्योहार से ठीक पहले गुजरात के सूरत शहर में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े फूड स्कैम का पर्दाफाश हुआ है। पांडेसरा इलाके में चल रही एक फैक्ट्री में दूध के बजाय पामोलिन तेल, एसिड और केमिकल पाउडर की मदद से नकली और जहरीला पनीर तैयार किया जा रहा था। यह पनीर शहर की कई नामी डेयरियों और दुकानों में सप्लाई किया जा रहा था। छापेमारी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पांडेसरा क्षेत्र की एक फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर नकली पनीर तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा। जब टीम मौके पर पहुंची तो फैक्ट्री के अंदर जो नजारा सामने आया, उसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।जांच में पाया गया कि यहां दूध का इस्तेमाल किए बिना ही पनीर तैयार किया जा रहा था। फैक्ट्री में पामोलिन तेल, एसिड और विभिन्न प्रकार के केमिकल पाउडर को मिलाकर पनीर जैसी दिखने वाली चीज बनाई जा रही थी। इसे बाद में बाजार में असली पनीर के नाम पर बेचा जा रहा था। यह नकली पनीर खाने से लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।

छापेमारी के दौरान टीम ने फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में तैयार नकली पनीर, केमिकल और मशीनें बरामद की हैं। अधिकारियों के मुताबिक त्योहार के समय पनीर की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर यह गिरोह लंबे समय से इस अवैध कारोबार को चला रहा था। होली के मौके पर बड़ी मात्रा में यह नकली पनीर बाजार में खपाने की तैयारी थी।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री से लिए गए नमूनों को जांच के लिए लैब में भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि पनीर बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं।पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री संचालक समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि शहर की किन-किन डेयरियों और दुकानों में यह नकली पनीर सप्लाई किया जा रहा था।इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद खरीदते समय सतर्क रहें और केवल विश्वसनीय दुकानों से ही सामान लें। वहीं प्रशासन ने भी साफ किया है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
