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झुमरी तिलैया की महिलाएं जूट से बना रहीं उत्पाद, आत्मनिर्भरता के साथ दे रहीं प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश

घर की जिम्मेदारियों के बीच 20 महिलाएं जूट से झोले, बैग और अन्य वस्तुएं तैयार कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, पर्यावरण संरक्षण में भी निभा रहीं अहम भूमिका।

✍️ Rupesh Kumar Das4 जून 2026📍 कोडरमा
झुमरी तिलैया की महिलाओं की जूट से आत्मनिर्भरता की कहानी | HB Live

झुमरी तिलैया में 20 महिलाएं जूट से पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे प्लास्टिक मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिल रहा है।

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