
मेरठ कचहरी परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वर्षों से चेंबर आवंटन के लिए भटक रहे कुछ अधिवक्ताओं ने रातों-रात खुद ही लोहे के जाल से अस्थायी चेंबर तैयार कर उसमें बैठना शुरू कर दिया। सुबह जैसे ही प्रशासन को इसकी जानकारी मिली और चेंबर हटाने की कार्रवाई शुरू की गई, मामला अचानक तनावपूर्ण हो गया।

कार्रवाई का विरोध करते हुए इन अधिवक्ताओं ने खुद को चेंबर के अंदर बंद कर लिया और फांसी के फंदे लटका दिए। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि जबरन उन्हें हटाने की कोशिश की गई तो वे आत्महत्या कर लेंगे। इस घटना से कचहरी परिसर में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
वकीलों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से चेंबर के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। मजबूरी में उन्होंने यह कदम उठाया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति बनाए गए चेंबर अवैध हैं और नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और सभी संबंधित अधिवक्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। प्रशासन और बार एसोसिएशन के बीच बातचीत के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं, ताकि मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।
