
इंडिया ओपन 2026 के दौरान राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम की स्वच्छता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विदेशी खिलाड़ी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया, हालांकि भारत के शीर्ष शटलर पीवी सिंधु और किदांबी श्रीकांत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए परिस्थितियों को संतोषजनक बताया है। डेनमार्क की बैडमिंटन खिलाड़ी मिया ब्लिकफेल्ट (Mia Blichfeldt) ने सोशल मीडिया के जरिए स्टेडियम में साफ-सफाई और हाइजीन को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने टूर्नामेंट स्थल के कुछ हिस्सों की तस्वीरें साझा करते हुए व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए, जिसके बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। हालांकि, भारतीय स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें स्टेडियम में किसी तरह की बड़ी समस्या नजर नहीं आई। सिंधु ने साफ कहा कि इतने बड़े टूर्नामेंट में छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं, लेकिन इसे बेवजह तूल देना सही नहीं है। वहीं, किदांबी श्रीकांत ने भी यही रुख अपनाते हुए कहा कि आयोजन और सुविधाएं सामान्य हैं और खिलाड़ियों को खेलने में कोई परेशानी नहीं हो रही। इस विवाद के बीच डेनमार्क के ही एक अन्य खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसेन ने दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता (Air Quality) का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
बैडमिंटन प्रेमियों और खेल जगत में इस पूरे मामले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक ओर विदेशी खिलाड़ी आयोजन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भारतीय खिलाड़ी और आयोजक इसे अनावश्यक विवाद बता रहे हैं।
आयोजकों की ओर से भी दावा किया गया है कि स्टेडियम में साफ-सफाई और खिलाड़ियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए खुद को एक मजबूत मेजबान के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
