
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) से जुड़ा एक अनोखा और दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां पहरा ड्यूटी के दौरान पेड़ से अमरूद तोड़कर खाने पर एक सिपाही को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। मामला सामने आने के बाद विभाग में अनुशासन और मानवीय परिस्थितियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई। जानकारी के अनुसार, सिपाही अपनी ड्यूटी पर तैनात था, तभी उसने परिसर में लगे अमरूद के पेड़ से फल तोड़कर खा लिया। अधिकारियों ने इसे ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता मानते हुए सिपाही को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में स्पष्ट रूप से पूछा गया कि ड्यूटी के समय इस तरह का आचरण क्यों किया गया। हालांकि, सिपाही का जवाब अधिकारियों के लिए भी चौंकाने वाला रहा। अपने लिखित जवाब में सिपाही ने बताया कि उसे उस समय तेज पेट दर्द हो रहा था। छुट्टी की अनुमति नहीं थी और न ही ड्यूटी छोड़कर इलाज के लिए जाने की कोई संभावना थी। ऐसे में उसने यूट्यूब पर पेट दर्द के घरेलू इलाज के बारे में जानकारी ली, जिसमें अमरूद खाने को लाभकारी बताया गया था। इसी वजह से उसने अमरूद खाया। सिपाही के इस जवाब के बाद अधिकारी भी असहज हो गए। मामले को अनुशासनहीनता की श्रेणी में जरूर रखा गया, लेकिन मानवीय पहलू को देखते हुए सख्त कार्रवाई नहीं की गई। विभाग की ओर से सिपाही को भविष्य में इस तरह की गलती न दोहराने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।यह मामला सोशल मीडिया और आम चर्चा में भी सुर्खियां बटोर रहा है। लोग इसे व्यवस्था की कठोरता और कर्मचारियों की मजबूरी का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कई लोग सिपाही के जवाब को ईमानदार और साहसी बता रहे हैं। यह घटना प्रशासनिक अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन की जरूरत को भी उजागर करती है।
