गाजियाबाद।गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की दुखद मौत के मामले में पिता का एक नया बयान सामने आया है, जिसने इस पूरे प्रकरण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पिता ने कहा है कि उनकी बेटियों ने खुद की कोरियन पर्सनैलिटी बना ली थी और उन्होंने अपने नाम भी बदल लिए थे। उनका दावा है कि यह बात सही है और बेटियां भारत से जुड़ी पहचान को लेकर असहज हो चुकी थीं।पिता के अनुसार, तीनों बहनों का सपना कोरिया जाकर पढ़ाई करने का था। उन्होंने बताया कि बेटियां ‘इंडियन’ शब्द सुनते ही नाराज़ हो जाती थीं और कोरियन संस्कृति से खुद को जोड़कर देखने लगी थीं। सोशल मीडिया और ऑनलाइन कंटेंट का उन पर गहरा असर बताया जा रहा है।पिता ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में उन्हें 20 से 30 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ था, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि यह नुकसान बच्चों के इस फैसले की वजह नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि परिवार में इस तरह की स्थिति कभी नहीं थी कि बेटियां किसी दबाव में हों।इस मामले में पुलिस पहले ही जांच कर रही है और परिवार के बयान, डिजिटल गतिविधियों तथा सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखकर हर एंगल से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।यह घटना एक बार फिर नाबालिगों पर सोशल मीडिया, पहचान संकट और सांस्कृतिक प्रभाव को लेकर गंभीर बहस छेड़ रही है।
‘इंडियन’ शब्द से चिढ़ने लगी थीं बेटियां, कोरिया में पढ़ने का था सपना: पिता का बयान
