हजारीबाग जिले के दीपुगढ़ा स्थित संत माइकल फॉर द हियरिंग इम्पेयर्ड विद्यालय में बुधवार को जिले के उपायुक्त ने 160 मुखबधिर बच्चों के बीच श्रवण यंत्र का वितरण किया। इन यंत्रों से उन बच्चों को विशेष लाभ मिलेगा जिन्हें सुनने में कठिनाई होती है। श्रवण यंत्र प्राप्त कर बच्चों ने उपायुक्त के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के बाद उपायुक्त ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, छात्रावास सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संस्थान में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने परिसर में शुद्ध पेयजल, बिजली व्यवस्था तथा खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया।उपायुक्त ने बच्चों के लिए स्मार्ट क्लासरूम और ओपन जिम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह संस्थान बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित हो रहे इस संस्थान को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक सहायता की आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन हर समय उपलब्ध रहेगा।उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को नवाचार और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए आवश्यक संसाधनों का आकलन कर एक सूची उपलब्ध कराएं, ताकि उस दिशा में आवश्यक पहल की जा सके। शिक्षकों द्वारा स्मार्ट क्लास की आवश्यकता बताने पर उपायुक्त ने तत्काल स्वीकृति देते हुए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।बच्चों से संवाद करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन एक अभिभावक की तरह उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।गौरतलब है कि संत माइकल फॉर द हियरिंग इम्पेयर्ड विद्यालय झारखंड का इकलौता ऐसा संस्थान है, जहां मुखबधिर बच्चों को दसवीं कक्षा तक शिक्षा दी जाती है। यह विद्यालय झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) से मान्यता प्राप्त है। यहां केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार सहित अन्य राज्यों से भी छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं।Byte…
मुखबधिर बच्चों के सहायक बने उपायुक्त, 160 बच्चों के बीच श्रवण यंत्र का वितरण
