धूम मामले ने बढ़ाई हलचल: जमशेदपुर में नियमों को ताक पर रख चल रहे आधा दर्जन से ज्यादा नशा मुक्ति केंद्र

Advertisement

जमशेदपुर में सामने आए धूम मामले के बाद शहरभर में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जांच में यह सामने आ रहा है कि शहर में आधा दर्जन से अधिक नशा मुक्ति केंद्र ऐसे हैं, जो बिना आवश्यक पंजीकरण, मानकों और सरकारी अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में न तो प्रशिक्षित डॉक्टर हैं और न ही इलाज की वैध व्यवस्था। सूत्रों के अनुसार, कई केंद्रों में मरीजों को जबरन रखा जाता है, उनसे मारपीट तक की जाती है और परिजनों को सही जानकारी भी नहीं दी जाती। धूम मामले के सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि लंबे समय से शिकायतें मिलने के बावजूद इन अवैध केंद्रों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज के नाम पर मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। कई बार उन्हें दवाइयों के बजाय डर और दबाव के सहारे रखा जाता है। नियमों के अनुसार, किसी भी नशा मुक्ति केंद्र के लिए स्वास्थ्य विभाग की अनुमति, प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और उचित सुविधाएं अनिवार्य होती हैं, लेकिन अधिकांश केंद्र इन मानकों पर खरे नहीं उतरते। धूम कांड के बाद प्रशासन अब हरकत में आया है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा ऐसे सभी केंद्रों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर छापेमारी और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यदि जांच में गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित संचालकों पर एफआईआर दर्ज कर केंद्रों को सील किया जाएगा। वहीं, सामाजिक संगठनों ने भी मांग की है कि नशा मुक्ति के नाम पर चल रहे इस ‘अवैध धंधे’ पर तत्काल रोक लगे।

Amarnath Pathak

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp  Join group