बिहार में राशन कार्डधारकों के लिए e-KYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है और इसके लिए अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है। राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा के भीतर e-KYC नहीं कराने वाले लाभुकों का नाम राशन कार्ड से हटाया जा सकता है।विभाग के अनुसार, e-KYC का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाना है। यदि किसी लाभार्थी का नाम राशन कार्ड से हटता है तो उसे न केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला राशन बंद हो सकता है, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की कई प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सत्यापन नहीं होने पर प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना सहित कुल सात योजनाओं का लाभ बंद हो सकता है। इससे बड़ी संख्या में परिवार सरकारी सहायता से वंचित हो सकते हैं।जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने सभी राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे नजदीकी जन वितरण प्रणाली दुकान या निर्धारित केंद्र पर जाकर जल्द से जल्द e-KYC प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।सरकार का कहना है कि समय पर सत्यापन कराने से योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहेगा और फर्जी लाभुकों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी।
