झारखंड का कोयला नगरी कहलाने वाला धनबाद अब एक नई पहचान के साथ चर्चा में है, लेकिन यह पहचान गर्व की नहीं, बल्कि चिंता की वजह बन गई है। साल 2025 में सामने आए आंकड़ों ने इस शहर को देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शीर्ष पर ला खड़ा किया है।रिपोर्ट के अनुसार, यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 124 दर्ज किया गया, जो “खराब” श्रेणी में आता है। वहीं, हवा में मौजूद बारीक कण यानी PM2.5 का स्तर भी खतरनाक सीमा तक पहुंच चुका है। ये वही कण होते हैं जो सीधे फेफड़ों में जाकर गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।धनबाद की पहचान लंबे समय से कोयला खनन के लिए रही है, लेकिन अब यही पहचान लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। शहर में लगातार चल रही कोयला खदानों की गतिविधियां, धूल उड़ाती ट्रकें, बढ़ती गाड़ियों की संख्या और तेजी से फैलते उद्योग — ये सभी मिलकर हवा को जहरीला बना रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि सुबह की ताजी हवा भी राहत नहीं देती। कई इलाकों में धुंध जैसी परत दिनभर बनी रहती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई सांस की समस्या, खांसी और आंखों में जलन जैसी परेशानियों से जूझ रहा है। डॉक्टरों का भी कहना है कि ऐसे माहौल में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि प्रदूषण का यह स्तर धीरे-धीरे सामान्य होता जा रहा है, यानी लोग इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा मानने लगे हैं। हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।यह स्थिति सिर्फ एक शहर की नहीं, बल्कि उस विकास मॉडल पर भी सवाल खड़े करती है, जिसमें आर्थिक तरक्की के साथ पर्यावरण की अनदेखी की जा रही है। धनबाद की यह तस्वीर साफ तौर पर बताती है कि अगर संतुलन नहीं बनाया गया, तो आने वाले समय में सांस लेना भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है।फिलहाल, जरूरत है सख्त नियमों, जागरूकता और जिम्मेदारी की— ताकि “कोयले की राजधानी” फिर से रहने लायक शहर बन सके, न कि गैस चैंबर।
“कोयले की राजधानी बनी गैस चैंबर!” — धनबाद में सांस लेना भी हुआ खतरे से खाली नहीं
Advertisement
Amarnath Pathak
अमरनाथ पाठक एक समर्पित समाचार लेखक (News Writer) हैं, जिन्हें ताज़ा खबरों और महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल और सटीक तरीके से प्रस्तुत करने का अनुभव है। वे देश-विदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर नियमित रूप से लेख लिखते हैं। अमरनाथ का लक्ष्य पाठकों तक सही, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है। वे हमेशा ऐसी खबरें लिखने पर ध्यान देते हैं जो लोगों के लिए उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाली हों। समाचार लेखन के क्षेत्र में उनकी रुचि और मेहनत उन्हें एक भरोसेमंद कंटेंट क्रिएटर बनाती है।
