
कोलकाता/नदिया। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हांसखाली सामूहिक दुष्कर्म और नाबालिग की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए दोषियों को कड़ी सजा दी है। राणाघाट की जिला अदालत ने सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को इस मामले में कुल 9 आरोपियों को दोषी करार दिया था, जबकि मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को न्यायाधीश ने सभी दोषियों की सजा का ऐलान किया। अदालत ने वर्ष 2022 में नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मुख्य आरोपी ब्रज गयाली को आमरण उम्रकैद की सजा सुनाई है। ब्रज गयाली स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता का बेटा है, जिस कारण यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में रहा। आमरण उम्रकैद का अर्थ है कि दोषी को अपनी शेष पूरी जिंदगी जेल में ही बितानी होगी।
इसी मामले में अदालत ने दो अन्य आरोपियों—प्रभाकर पोद्दार और रंजीत मल्लिक—को भी आमरण उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अपराध की प्रकृति अत्यंत जघन्य है और समाज को स्पष्ट संदेश देने के लिए कठोर सजा आवश्यक है।

वहीं, मामले में सह-आरोपी और स्थानीय टीएमसी नेता समरेंद्र गयाली (सोहेल के पिता), दीप्त गयाली और एक अन्य आरोपी को 5-5 साल के कारावास की सजा दी गई है। इन पर आरोप था कि उन्होंने घटना के बाद पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाया और मामले को दबाने की कोशिश की।.इसके अलावा नाबालिग की पड़ोसी अंशुमान बागची को भी अदालत ने दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा सुनाई है। उस पर आरोप था कि उसने पीड़िता के परिवार को डराया-धमकाया, नाबालिग के शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए मजबूर किया और पूरे मामले की साजिश में भूमिका निभाई।
अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध और न्याय में बाधा डालने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने राहत की सांस ली, वहीं यह निर्णय पूरे राज्य में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक अहम मिसाल माना जा रहा है।
इस मामले ने 2022 में पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिजनों के लिए यह फैसला एक बड़ा न्यायिक संदेश माना जा रहा है।
