हजारीबाग

न्यायालय के आदेश से 37 वर्ष पुराने निष्पादन वाद में डिग्रीधारक को दिलाया गया कब्जा, दूसरी ओर दुकानदार ने उठाए गंभीर सवाल

37 साल पुराने निष्पादन वाद में कोर्ट के आदेश पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई, दस्तावेजों में विसंगति का आरोप लगाकर दुकानदारों ने उठाए सवाल

✍️ Bhawesh Mishra4 जून 2026📍 हज़ारीबाग शहर
न्यायालय के आदेश से 37 वर्ष पुराने निष्पादन वाद में डिग्रीधारक को दिलाया गया कब्जा, दूसरी ओर दुकानदार ने उठाए गंभीर सवाल

हजारीबाग सिविल जज (सीनियर डिवीजन-प्रथम) की अदालत के आदेश पर 37 वर्ष पुराने निष्पादन वाद संख्या 20/1989 में डिग्रीधारक सुमेर चंद जैन को विवादित संपत्ति का कब्जा दिलाने के लिए गुरुवार को मजिस्ट्रेट की निगरानी में कार्रवाई की गई। कोर्ट के बेलीफ ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ड संख्या-15 स्थित दुकान कक्ष संख्या-8 को खाली कराकर कब्जा दिलाया। न्यायालय ने आवश्यक होने पर बल प्रयोग एवं ताला तोड़ने की भी अनुमति दी थी। हालांकि कार्रवाई के बाद दुकानदार पक्ष ने आरोप लगाया कि न्यायालय का आदेश जिस प्लॉट, होल्डिंग नंबर और चौहद्दी से संबंधित है, वह वास्तविक स्थल से मेल नहीं खाता। उनका कहना है कि दस्तावेजों में दर्ज संपत्ति और खाली कराई गई दुकान के विवरण में अंतर है। दुकानदारों ने मामले की निष्पक्ष जांच, भौतिक सत्यापन तथा दस्तावेजों की जांच की मांग की है। कब्जा दिलाने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन दस्तावेजों में कथित विसंगतियों को लेकर विवाद जारी है।

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