हजारीबाग

राम-लक्ष्मण बनाम धृतराष्ट्र निजी सम्मान की जंग में पिस रही हजारीबाग की जनता संजय सिंह स्टेडियम पर सियासत तेज, सांसद-विधायक आमने-सामने

बिजली-पानी पर मौन जनप्रतिनिधि, जनता पूछ रही — “सम्मान बड़ा या जनसमस्या?”

✍️ Bhawesh Mishra21 मई 2026
राम-लक्ष्मण बनाम धृतराष्ट्र निजी सम्मान की जंग में पिस रही हजारीबाग की जनता संजय सिंह स्टेडियम पर सियासत तेज, सांसद-विधायक आमने-सामने

हजारीबाग में इन दिनों संजय सिंह स्टेडियम को लेकर सांसद मनीष जायसवाल और सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। सांसद ने स्वयं को “राम” और विधायक को “लक्ष्मण” बताते हुए उनके सम्मान की रक्षा की बात कही, जबकि विधायक ने पलटवार करते हुए सांसद को “धृतराष्ट्र” बताया। दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी से भाजपा कार्यकर्ता भी दो गुटों में बंटते नजर आ रहे हैं। इस राजनीतिक संघर्ष के बीच जनता के मूलभूत मुद्दे पीछे छूटते दिखाई दे रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच हजारीबाग बिजली और पानी संकट से जूझ रहा है। कई इलाकों में पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही और जलापूर्ति भी बदहाल है। सड़कें टूटी हुई हैं और अस्पतालों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। जनता का कहना है कि नेताओं को व्यक्तिगत सम्मान और क्रिकेट की राजनीति से ज्यादा ध्यान बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर देना चाहिए। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नेताओं का सम्मान बड़ा है या जनता की

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