
हजारीबाग:
हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर उजागर हो गई है। इस सरकारी अस्पताल में बिजली गुल होने के बाद मोबाइल टॉर्च की रोशनी में परिवार नियोजन ऑपरेशन किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र की एक महिला परिवार नियोजन ऑपरेशन के लिए CHC केरेडारी पहुंची थी। ऑपरेशन के दौरान अचानक बिजली चली गई। आरोप है कि इसके बाद डॉक्टरों ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था के मोबाइल टॉर्च की रोशनी में ही ऑपरेशन जारी रखा, जिससे मरीज की जान जोखिम में पड़ गई।
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में बिजली, जनरेटर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने घटना पर संज्ञान लेते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को लेकर सवाल उठाए हैं।

वहीं, अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. नसीफ अंजुम ने वायरल वीडियो को पुराना बताते हुए आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि बिजली कटते ही जनरेटर चालू कर दिया गया था और अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई। साथ ही उन्होंने इस मामले में एक सहिया पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप भी लगाया है।
