
नई दिल्ली। आज़ादी के बाद देश के प्रशासनिक इतिहास में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। पहली बार प्रधानमंत्री का कार्यालय (PMO) अपने पारंपरिक स्थान साउथ ब्लॉक से शिफ्ट किया जा रहा है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में स्थानांतरित हो जाएगा। यह बदलाव केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना का अहम हिस्सा है। यह शिफ्टिंग इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि स्वतंत्र भारत के बाद से अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में ही स्थित रहा है। दशकों तक साउथ ब्लॉक देश के सबसे बड़े प्रशासनिक फैसलों और ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी रहा है। अब पीएमओ के स्थानांतरण के साथ एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। सरकार की योजना के अनुसार, साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को खाली किए जाने के बाद इन्हें ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ में परिवर्तित किया जाएगा। इस संग्रहालय के जरिए आम जनता भारत के प्रशासनिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक सफर को करीब से जान सकेगी। यहां स्वतंत्रता के बाद से लेकर आधुनिक भारत तक की विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों की सुगमता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। माना जा रहा है कि इससे प्रधानमंत्री कार्यालय के कामकाज में और अधिक दक्षता आएगी। पीएमओ का यह स्थानांतरण न सिर्फ प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि यह नए भारत की सोच और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।
