Chauparan- चौपारण प्रखंड अंतर्गत भगहर पंचायत के आसपास इन दिनों अवैध जावा महुआ शराब का कारोबार तेजी से फैल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार जंगली क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भट्ठियां लगाकर महुआ शराब का निर्माण और भंडारण किया जा रहा है। तैयार माल को गुप्त रास्तों से सटे राज्य बिहार भेजा जा रहा है। विशेषकर होली पर्व को लेकर तस्करों ने अवैध शराब की खेप जंगल के रास्तों से बिहार पहुंचाई है, जिससे इस धंधे में और तेजी आई है। बताया जाता है कि कुछ माह पूर्व उत्पाद विभाग द्वारा अवैध जावा महुआ शराब के खिलाफ छापेमारी की गई थी। उस दौरान कई भट्ठियों को ध्वस्त किया गया था और शराब नष्ट की गई थी। लेकिन हाल के दिनों में कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ने से तस्करों के हौसले बुलंद हो गए हैं। क्षेत्र में फिर से बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है और कारोबार खुलेआम चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि तस्कर जंगलों में पेड़ों की कटाई कर लकड़ियों को भट्ठियों में झोंक रहे हैं, जिससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। इतना ही नहीं, अब जंगलों के साथ-साथ रैयती जमीनों पर भी भट्ठियां लगाकर अवैध शराब बनाई जा रही है। इस पूरे मामले में उत्पाद विभाग और वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि अवैध शराब के इस गोरखधंधे पर रोक लगाई जा सके और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था व पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
भगहर में अवैध जावा महुआ शराब का गोरखधंधा फल-फूल रहा, उत्पाद विभाग पर उठे सवाल
