भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रूस से कच्चे तेल की खरीद में तेजी ला दी है। जानकारी के मुताबिक, भारत ने महज एक हफ्ते में करीब 3 करोड़ बैरल रूसी कच्चे तेल का आयात किया है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और सप्लाई में बाधा के चलते भारत ने यह कदम उठाया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि चीन की ओर जा रहे कई तेल टैंकरों ने भी अपना रूट बदलकर भारत का रुख कर लिया है, जिससे भारत की खरीद और तेज हो गई है।ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच भारत सस्ती दरों पर उपलब्ध रूसी तेल का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। इससे न सिर्फ देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि आर्थिक दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।हालांकि, इस बढ़ती खरीदारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजरें भारत पर टिकी हुई हैं, क्योंकि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की रूस पर पहले से ही कड़ी निगरानी और प्रतिबंधों की नीति लागू है।विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक हालात के अनुसार भारत अपनी ऊर्जा रणनीति में और बदलाव कर सकता है, ताकि देश की जरूरतों और वैश्विक दबाव के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
US-ईरान तनाव के बीच भारत ने बढ़ाई रूसी तेल की खरीद, एक हफ्ते में 3 करोड़ बैरल आयात
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Amarnath Pathak
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