भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी विदेशी धरती पर मिली ऐतिहासिक जीतों की बात होती है, तो Ajit Wadekar का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। अपनी शांत नेतृत्व शैली और बेहतरीन रणनीति के दम पर वाडेकर ने भारतीय क्रिकेट को वह मुकाम दिलाया, जिसकी उस समय कल्पना भी मुश्किल मानी जाती थी।साल 1970-71 भारतीय क्रिकेट के लिए स्वर्णिम दौर साबित हुआ, जब वाडेकर की कप्तानी में टीम इंडिया ने West Indies cricket team को उसी की धरती पर हराकर इतिहास रच दिया। यह भारत की वेस्टइंडीज में पहली टेस्ट जीत ही नहीं थी, बल्कि 1-0 से सीरीज जीतकर टीम ने दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया।इसके बाद 1971 में ही इंग्लैंड दौरे पर भी भारतीय टीम ने कमाल कर दिखाया। England cricket team के खिलाफ उसी की सरजमीं पर पहली बार टेस्ट मैच जीतना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। वाडेकर की कप्तानी में यह जीत सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी।वाडेकर का विजयी सफर यहीं नहीं रुका। 1972-73 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-1 से जीत दर्ज कर भारत ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की। यह वह दौर था जब भारतीय टीम विदेशी पिचों पर संघर्ष करती थी, लेकिन वाडेकर के नेतृत्व ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया।Ajit Wadekar की कप्तानी में मिली ये ऐतिहासिक जीतें आज भी भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद की जाती हैं। उन्होंने न सिर्फ मैच जीते, बल्कि भारतीय टीम को आत्मविश्वास, साहस और जीत की नई सोच भी दी। यही वजह है कि वाडेकर को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली और सफल कप्तानों में गिना जाता है।
विदेशी धरती पर भारत का परचम लहराने वाले कप्तान: अजीत वाडेकर की अगुवाई में लिखी गई ऐतिहासिक जीतों की गौरवगाथा
