
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 में प्रॉपर्टी डीलर की कार पर हुई फायरिंग की घटना अब सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं रह गई है, बल्कि इसके पीछे संगठित अपराध और इंटरनेशनल नेटवर्क का चौंकाने वाला एंगल सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जिस कारोबारी पर हमला किया गया, उसे पिछले कुछ समय से एक इंटरनेशनल नंबर से लगातार रंगदारी और जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। ये धमकियां खुद को विदेश में बैठे एक कुख्यात गैंगस्टर का आदमी बताने वाले लोगों द्वारा दी जा रही थीं।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, प्रॉपर्टी डीलर को फोन कॉल और मैसेज के जरिए मोटी रकम की मांग की जा रही थी। धमकी देने वाले कॉलर्स यह दावा कर रहे थे कि अगर रंगदारी नहीं दी गई, तो अंजाम बहुत बुरा होगा। कारोबारी ने शुरुआत में इन धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन धीरे-धीरे कॉल्स की संख्या और भाषा दोनों ही आक्रामक होती चली गईं। यही नहीं, धमकी देने वालों ने उसकी रोजमर्रा की गतिविधियों की जानकारी होने का भी दावा किया, जिससे यह साफ हो गया कि उसकी रेकी की जा रही थी।
इसके बाद रोहिणी सेक्टर-24 में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर की कार पर फायरिंग कर दी गई। गनीमत रही कि इस हमले में कारोबारी बाल-बाल बच गया, लेकिन इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी। वारदात के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो सामने आया कि यह हमला अचानक नहीं था, बल्कि रंगदारी वसूली के दबाव में किया गया एक सुनियोजित अपराध था।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस इंटरनेशनल नंबर से धमकियां दी जा रही थीं, उसकी लोकेशन विदेश की बताई जा रही है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर अपने नेटवर्क के जरिए भारत में अपराधों को अंजाम दिला रहे हैं। स्थानीय शूटरों का इस्तेमाल कर कारोबारी पर फायरिंग करवाई गई, ताकि रंगदारी न देने का खौफनाक संदेश दिया जा सके। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, इंटरनेशनल नंबर की ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि कैसे विदेशी सरजमीं से बैठकर गैंगस्टर दिल्ली-एनसीआर में अपराध का तंत्र चला रहे हैं और कारोबारियों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस फायरिंग कांड और धमकी के पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जाएगा।
