जन सरोकार

जब व्यवस्था ने नहीं सुनी तो बिरहोरों ने खुद बना दी अपनी सड़क

26 परिवारों ने फावड़ा-कुदाल उठाकर बदली तस्वीर, सरकारी दावों को दिखाया आईना; अब सवाल—आदिम जनजाति को सड़क के लिए भी करना होगा श्रमदान?

✍️ Bhawesh Mishra9 अगस्त 2026📍 हज़ारीबाग
जब व्यवस्था ने नहीं सुनी तो बिरहोरों ने खुद बना दी अपनी सड़क

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