जब व्यवस्था ने नहीं सुनी तो बिरहोरों ने खुद बना दी अपनी सड़क
26 परिवारों ने फावड़ा-कुदाल उठाकर बदली तस्वीर, सरकारी दावों को दिखाया आईना; अब सवाल—आदिम जनजाति को सड़क के लिए भी करना होगा श्रमदान?

26 परिवारों ने फावड़ा-कुदाल उठाकर बदली तस्वीर, सरकारी दावों को दिखाया आईना; अब सवाल—आदिम जनजाति को सड़क के लिए भी करना होगा श्रमदान?
