लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान में ‘कालनेमि’ का जिक्र करते हुए दिए गए कथन पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिक्रिया दी है। स्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वे किसकी ओर इशारा कर रहे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि योगी ने सही कहा कि धर्म की आड़ में जो अधर्म किए जा रहे हैं, वे ‘कालनेमि’ से कम नहीं हैं। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि केवल इशारा करना पर्याप्त नहीं है, जनता को यह जानना जरूरी है कि वे किसके बारे में बात कर रहे हैं। स्वामी ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किया, “वे कौन हैं जो साधु-संत के रूप में धर्म विरोधी कार्य कर रहे हैं, और कौन हैं जो सनातन धर्म के विरोधी कार्य कर रहे हैं? नाम तो बताएं, तब हम समझेंगे।” स्वामी का कहना है कि इस बयान ने चर्चा का मुद्दा जरूर बढ़ा दिया है, लेकिन स्पष्ट नाम न बताने से लोग अनुमान लगाने पर मजबूर हैं, और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उनका यह भी मानना है कि धर्म की आड़ में होने वाले अधर्म के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है, और इसे सार्वजनिक रूप से पहचानना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि मुख्यमंत्री किसकी ओर इशारा कर रहे हैं और ‘कालनेमि’ की संज्ञा किसे दी जा रही है।
सीएम योगी के ‘कालनेमि’ बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा रिएक्शन: ‘इशारा किस तरफ, नाम तो बताएं’
