पटना।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के डेयरी सेक्टर को उद्योग का दर्जा देने के लिए बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत राज्य में दूध उत्पादन और विपणन को मजबूत बनाने के लिए अगले दो वर्षों में व्यापक स्तर पर नई व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।सरकार की योजना के अनुसार, हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति और हर पंचायत में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इससे पशुपालकों को उनके दूध का उचित मूल्य मिल सकेगा और बिचौलियों की भूमिका काफी हद तक कम हो जाएगी।इस पहल का एक अहम पहलू यह भी है कि सुधा दुग्ध बिक्री केंद्रों का संचालन जीविका दीदियों को सौंपा जाएगा, जिससे महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, रोजगार के नए अवसर और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। डेयरी सेक्टर को उद्योग का दर्जा मिलने से निवेश बढ़ेगा और किसानों व पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
