
रांची।
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दो मासूम बच्चों की सकुशल रिहाई के साथ ही झारखंड पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता और कार्यकुशलता का परिचय दिया है। यह मामला न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, बल्कि मानवीय दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील रहा। बच्चों की सुरक्षित वापसी ने पूरे राज्य को राहत की सांस दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती दिनों में जांच को लेकर कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पर्याप्त सुराग नहीं मिलने के कारण जांच की दिशा स्पष्ट नहीं हो पा रही थी, लेकिन रांची पुलिस ने धैर्य और तकनीकी विश्लेषण के साथ मामले को आगे बढ़ाया। इसी दौरान दूसरे राज्य में घटित इसी तरह की एक घटना के पैटर्न से तार जोड़ते हुए पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच बनाई। सटीक रणनीति, तकनीकी निगरानी और विभिन्न राज्यों की पुलिस से समन्वय के बाद रांची पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और दोनों मासूम बच्चों—अंश और अंशिका—को सुरक्षित मुक्त करा लिया। इस कार्रवाई में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और टीमवर्क निर्णायक साबित हुआ। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यह कार्रवाई यहीं समाप्त नहीं होगी। राज्य के भीतर और राज्य के बाहर घटित ऐसे सभी मामलों की गहन जांच की जाएगी और अपहरण व तस्करी जैसे अपराधों में शामिल अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस सफल अभियान के लिए रांची पुलिस और झारखंड पुलिस की पूरी टीम की जमकर सराहना की जा रही है। साथ ही, बच्चों की सुरक्षित वापसी पर उनके परिवारों को ढांढस बंधाते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गई हैं। यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक जरूर पहुंचते हैं।
