मां दुर्गा की पूजा और बेटियों की चीखें: आखिर कैसी है हमारी शक्ति-उपासना?
नौ दिन मां के जयकारे, बाकी दिन बेटियों की असुरक्षा! क्या हमारी आस्था केवल पंडालों तक सिमटकर रह गई है?

नौ दिन मां के जयकारे, बाकी दिन बेटियों की असुरक्षा! क्या हमारी आस्था केवल पंडालों तक सिमटकर रह गई है?
