रांची। राजधानी रांची में पिछले कुछ दिनों से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रशासन और गैस कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में घरेलू गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। गैस कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।इस संबंध में उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता में गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैस कंपनियों ने बताया कि रांची में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ जगहों पर सोशल मीडिया और अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक दबाव बन रहा है।बैठक के दौरान उपायुक्त ने गैस एजेंसियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए और वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी।गैस कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर बुक न करें। कंपनियों ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए निर्धारित नियम लागू हैं, जिसके अनुसार एक उपभोक्ता 25 दिन के बाद ही दूसरे सिलेंडर की बुकिंग कर सकता है। इस नियम का पालन सभी उपभोक्ताओं को करना होगा।प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। अधिकारियों ने कहा कि शहर में गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और सभी उपभोक्ताओं को जरूरत के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि किसी एजेंसी द्वारा कृत्रिम कमी पैदा करने या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।प्रशासन और गैस कंपनियों ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि रांची में घरेलू एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे संयम बरतें और निर्धारित नियमों के अनुसार ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करें।
रांची में LPG सिलेंडर की कमी की अफवाह, प्रशासन और गैस कंपनियों ने किया खंडन
