
नई दिल्ली।
नए साल 2026 की शुरुआत भारतीय रुपये के लिए कमजोर रही। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे गिरकर 89.99 के स्तर पर आ गया। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और वैश्विक संकेतों के दबाव में रुपया लाल निशान में खुला। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर देखा जा रहा है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की पूंजी निकासी ने भी रुपये पर दबाव बनाया। हालांकि, घरेलू शेयर बाजारों में सीमित तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता से रुपये में बड़ी गिरावट फिलहाल थमती नजर आई। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर रुपये की चाल निर्भर करेगी।
