
नई दिल्ली:
साल 2025 भारतीय सेना के लिए साहस, तकनीकी मजबूती और रणनीतिक बढ़त का प्रतीक बनकर उभरा है। “धार, रफ्तार और प्रहार” के सिद्धांत पर आगे बढ़ते हुए भारतीय सेना ने इस वर्ष कई ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं, जिन्होंने देश की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। खास तौर पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए सेना ने अपनी ताकत और संकल्प का स्पष्ट संदेश दिया।
ऑपरेशन सिंदूर में बड़ी सफलता
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सीमा पार और आतंकी प्रभाव वाले इलाकों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आतंकी कैंपों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन ने आतंकवादी नेटवर्क की कमर तोड़ दी और देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया। सेना की खुफिया और सर्जिकल क्षमताओं का यह बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।

आधुनिक मिसाइल और हथियारों का सफल परीक्षण
2025 में ब्रह्मोस और पिनाका रॉकेट सिस्टम के सफल परीक्षण ने भारत की मारक क्षमता को और अधिक धार दी। इन परीक्षणों से यह साबित हुआ कि भारतीय सेना अब उच्च सटीकता और लंबी दूरी तक प्रभावी प्रहार करने में पूरी तरह सक्षम है।
अपाचे हेलीकॉप्टर का इंडक्शन
सेना के बेड़े में अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से हवाई युद्ध क्षमता को बड़ा बल मिला है। ये हेलीकॉप्टर दुश्मन के ठिकानों पर तेज और सटीक हमले करने में सक्षम हैं, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की पकड़ और मजबूत हुई है।
भैरव और अश्नि यूनिट्स की तैनाती
इस वर्ष विशेष रूप से गठित भैरव और अश्नि यूनिट्स ने सेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को नया आयाम दिया। ये यूनिट्स अत्याधुनिक तकनीक और विशेष प्रशिक्षण से लैस हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकती हैं।
91 प्रतिशत स्वदेशी गोला-बारूद
‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बड़ी उपलब्धि के तौर पर भारतीय सेना ने 91 प्रतिशत स्वदेशी गोला-बारूद का उपयोग सुनिश्चित किया। इससे विदेशी निर्भरता कम हुई और घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूती मिली।
ड्रोन और आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग
सेना ने निगरानी, टोही और हमले के लिए अत्याधुनिक ड्रोन सिस्टम को बड़े पैमाने पर शामिल किया। इससे सीमाओं पर निगरानी और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना कहीं अधिक प्रभावी हुआ है।
डिजिटल बदलाव और साइबर क्षमता
2025 में भारतीय सेना ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में बड़ा कदम उठाया। कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्लेटफॉर्म्स को अपनाकर सेना को और अधिक स्मार्ट बनाया गया।
अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास
भारतीय सेना ने इस साल कई देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास किए, जिससे रणनीतिक सहयोग मजबूत हुआ और वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य साख और बढ़ी।
इनो-योद्धा नवाचार पहल
‘इनो-योद्धा’ कार्यक्रम के तहत सेना ने स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स के साथ मिलकर रक्षा क्षेत्र में नई तकनीकों को विकसित किया। इससे भविष्य की चुनौतियों के लिए सेना को तैयार किया जा रहा है।
मजबूत और सुधारों का प्रतीक साल
कुल मिलाकर 2025 भारतीय सेना के लिए सुधार, आत्मनिर्भरता और सशक्त रक्षा का वर्ष साबित हुआ है। इन उपलब्धियों ने न सिर्फ देश की सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत को एक सक्षम सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित किया है।
